मेरे भीतर

कुछ उदास 🙁 …कुछ हसते 🙂
कुछ बेवजहा ? …कुछ बेमकसद ?
किससे मिलना चाहोगे तुम
अब मेरे भीतर बहुत से शख्स हुआ करते हैं.

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