इश्क की तालीम

इश्क की तालीम

इस इश्क की तालीम ने भी हमें, क्या खूब सिला दिया है
जिसकी याद में जी भी न पाए, उसी ने हमको दिल से भुला दिया है |
कुछ इस कदर साथ रखा है यादों ने उनकी के अकेले होने नहीं देते
हम याद करते है उन्हें इतना की हिचकी से सोने नहीं देते |
अब तो कमी हो गयी है आंसू की गेम मोहब्बत में रट रट
कोई जगा दे जाके उनको भी सुबह हो गयी है उनके सोते सोते |
हर लम्हा उनसे मिलान के हमें इंतज़ार रहा करता है
हमें सत्ता कर के न जाने क्या उन्हें शबे बहार मिलता है |
क्या मेरी पलकों के बरसना ज़रूरी है ऐतबार की खातिर
क्या काफी नहीं पैगाम पहुंचे उस तक मेरी शायरी के ज़रिये |
क्या उम्मीद करे जीवन से नाराज़ है दिल से धड़कन
क्या बताओं तुझको कैसी है मेरे दिल की तड़पन |
ये मेरे जज़्बात की रुस्वाई है या उनका भोलापन की मुझे वफाओं का सिला नहीं है
क्या वजह हुई है जो उनकी खामोश ज़िन्दगी से कोई जवाब अभी तक मिला नहीं है

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