दिल आज फिर से उदास है

SAD SHAYARI | दिल आज फिर से उदास है | TUTIYA DIL


कुछ तो हुआ है दिल को जो ये फिर से आज उदास है
जो भी मुमकिन था पाना वो सब तो मेरे पास है
कोई कमी नहीं मेरे जीवन में फिर अब किसकी आस है
इन बेचैन निगाहो को राहों में अब भी उसकी तलाश है
खुश रहना लोगो की फितरत है, या दुनियादारी की ज़रूरत है
तेरा मिलना एक पल का भी जैसे मेरी खुशियों का महूर्त है
हम कैसे रोके अपने अरमानो को जिन्हें अक्सर आपकी चाहत है
मेरी धड़कन में तेरी साँसों को जैसे मिलती बेपनाह राहत है
तुझको पाना पागलपन है, एक झूटी सी आस है
कुछ तो हुआ है दिल को जो ये फिर से आज उदास है…..
*****
शाम ढली है अंतर मन में बड़ा ही गहरा अँधियारा है
जिसकी कमी है लगती मुझको शायद वो जहाँ से प्यारा है
मेरे सपनो की दुनिया का देखो ये कैसे अजब नज़ारा है
वो था तो सब था, अब पास मेरे उसकी यादों का सहारा है
उसका चेहरा बाकी चेहरों से लगता अब तक खास है
इन बेचैन निगाहो को राहों में अब भी उसकी तलाश है….
*****
जो भी मुमकिन था पाना वो सब तो मेरे पास है
कोई कमी नहीं मेरे जीवन में फिर अब किसकी आस है
इन बेचैन निगाहो को राहों में अब भी उसकी तलाश है
खुश रहना लोगो की फितरत है, या दुनियादारी की ज़रूरत है
तेरा मिलना एक पल का भी जैसे मेरी खुशियों का महूर्त है
हम कैसे रोके अपने अरमानो को जिन्हें अक्सर आपकी चाहत है
मेरी धड़कन में तेरी साँसों को जैसे मिलती बेपनाह राहत है
तुझको पाना पागलपन है, एक झूटी सी आस है
कुछ तो हुआ है दिल को जो ये फिर से आज उदास है…..
*****
शाम ढली है अंतर मन में बड़ा ही गहरा अँधियारा है
जिसकी कमी है लगती मुझको शायद वो जहाँ से प्यारा है
मेरे सपनो की दुनिया का देखो ये कैसे अजब नज़ारा है
वो था तो सब था, अब पास मेरे उसकी यादों का सहारा है
उसका चेहरा बाकी चेहरों से लगता अब तक खास है
इन बेचैन निगाहो को राहों में अब भी उसकी तलाश है….
****



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *