नज़र आ जाओ कही तुम

नज़र आ जाओ कही तुम


मेरी आँखों में जैसे बस रहे, एक सपने से हो तुम!
देख के तुम को लगता है, कितने अपने से हो तुम !!
हमे होश नहीं रहता, जो नज़र आ जाओ कही तुम !
दुनिया से चुरा ले हम तुमको, हो जाये कही गुम !!

हर अदा तुम्हारी हम पर जादू सा कर रही है
पलकों की छांव में कोई जैसे शाम ढल रही है
मुस्कान पर तुम्हारी जैसे लहरें फिसल रही है
देख तुम्हारे गालो की लाली, हसरत मचल रही है

काले बालो में घेरे हुवे हो न जाने कितनी रात तुम !
देख के तुम को लगता है, कितने अपने से हो तुम!!
हमे होश नहीं रहता, जो नज़र आ जाओ कही तुम,!
दुनिया से चुरा ले हम तुमको, हो जाये कही गुम !!

तेरी हंसी के वास्ते मै  हर चीज़ वार दूं
सारे जहाँ की खुशियों से जीवन सवार दूं
जो कभी न भूल पाए तुम्हे उतना प्यार दूं
तुझसे मोहब्बत कर तेरा यौवन निखर दूं

मेरा जीवन तुमसे रौशन मेरी हर एक बात में तुम !
देख के तुम को लगता है, कितने अपने से हो तुम!!
हमे होश नहीं रहता, जो नज़र आ जाओ कही तुम!
दुनिया से चुरा ले हम तुमको, हो जाये कही गुम!!

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