मोहब्बतों में ज़रा सी कसक ज़रूरी है

SAD SHAYARI | मोहब्बतों में ज़रा सी कसक ज़रूरी है | ROMANTIC SHAYARI


मोहब्बतों में ज़रा सी कसक ज़रूरी है
शिकायतों के गुलों की महक ज़रूरी है
कोई सवाल करूँ मैं तुमसे तो नाराज़ मत होना जान
क्यों की सच्चे प्यार में थोड़ा सा शक़ ज़रूरी है
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अपनी मुहब्बत की हकीकत को मन में परखना ज़रूरी है
न बिखर जाए किसी के सपने ये भी समझना ज़रूरी है
ये सच है की धुप को सह कर के कोई रिश्ता पनपता है
मगर नन्हे पौधे को भी संभाले रखना ज़रूरी है
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दूर रहते है दिलो में रहकर, जाने ये कैसे कमाल करते है
खुद भी मायूस रहते है और हमें भी इतना बेहाल करते है
उन्हें यकीन नहीं होता, मेरी हर बात पे सवाल करते है
किसी के साथ देखें भी तो ये पल भर में बवाल करते है



हम नहीं मिले आखिर तो क्या मेरा सरोकार रहा है तुमसे

हम नहीं मिले आखिर तो क्या मेरा सरोकार रहा है तुमसे


हम नहीं मिले आखिर तो क्या मेरा सरोकार रहा है तुमसे
तुम्हे यकीन हो न हो हमारे दिल को प्यार रहा है तुमसे
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तुम पाना जो चाहो तो मैं दूर नहीं,
जो लौट के न आ सकू, इतना मजबूर नहीं
तुमसे ज्यादा हो सके वो रौशन,
कहीं ऐसा भी कोई हूर नहीं
बरसो बीते जीवन में, ऐतबार मेरा तो रहा है तुमसे
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हम नहीं मिले आखिर तो क्या मेरा सरोकार रहा है तुमसे
तुम यकीन हो न हो हमारे दिल को प्यार रहा है तुमसे
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तनहा ही अब मैं निकल पड़ा हूँ
अपनों की खुशियों को लिए खड़ा हूँ
नाता तोड़ लो मुलाकात का हमसे
मांग रहा क़ुरबानी तुमसे
मुझको वापस पाओगे तुम, ज़रा भी सच्चा दिल रहा है तुमसे
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हम नहीं मिले आखिर तो क्या मेरा सरोकार रहा है तुमसे
तुम्हे यकीन हो न हो हमारे दिल को प्यार रहा है तुमसे
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एक ग़ज़ल, कुछ ख़त, गेरो की मोहबत, गम की वजह

एक ग़ज़ल, कुछ ख़त, गेरो की मोहबत,
गम की वजह, कल की किताब


?एक ग़ज़ल? तेरे लिए ज़रूर लिखूंगा;??बे-हिसाब उस में ??तेरा कसूर लिखूंगा;???टूट गए ❤बचपन के ??तेरे सारे खिलौने;✋??अब दिलों ???से खेलना तेरा ?✋✌??दस्तूर लिखूंगा।???✋?


???न जाने ???कैसे ?आग लग??? गई बहते?? हुये पानी में..???हमने तो ?✌✋बस कुछ✋?? ख़त बहाये थे, ??✌“उसके नाम के“…??✌


???मजा चख लेने ??दो उसे गेरो ??की मोहबत? का भी, ???इतनी ?चाहत के ?✌?बाद ?जो मेरा न ?✌?हुआ ?वो ओरो का ?✋✌क्या होगा।???


???जानते हो ??महोब्बत किसे ?कहते हैं ??✋?? किसी को ?सोचना,??✋? फिर मुस्कुराना?? और फिर आसू ???बहाते हुए ???सो जाना.????


???वो बड़े ताज्जुब से??✋ पूछ बैठा मेरे ???गम की वजह..????फिर हल्का सा ???मुस्कराया,? और कहा,?✌? मोहब्बत की ??थी ना… ??✋???


???✋क़ाश कोई? ऐसा???? हो, जो? गले लगा??✌ कर कहे…???!! तेरे दर्द से मुझे✋?? भी तकलीफ ✋?होती है???


???आँसू आ जाते हैं??✌ आँखों में पर ??लबों पर??? हंसी लानी पड़ती है?✌? ये मोहब्बत ??भी क्या??? चीज़ है यारो जिस से?❤ करते हैं ???उसी से छुपानी??? पड़ती है।????


?✌?याद आयेगी ??हमारी तो बीते ???कल की किताब ✋???पलट लेना यूँ ही ???किसी पन्ने पर मुस्कुराते ????हुए हम ?मिल जायेंगे।??❤?

तेरा दीदार नहीं मिलता

तेरा दीदार नहीं मिलता


एक अरसा हुआ तेरी आगोश में खुद को खोये हुवे,
मगर न जाने कई सालो से हमें तेरा दीदार नहीं मिलता
रोज़ होती है कहने को तुमसे मेरी मुलाकातें,
मगर मेरी नज़र को तेरी नज़र से अब वो ऐतबार नहीं मिलता
मिलने को मिलते है ख्वाबो में तुझसे जोशो खरोश से,
मगर फिर भी मेरी बेचैन धड़कनो को ज़रा भी करार नहीं मिलता
ढूंढ़ता रहता हूँ हर लम्हा,
पर वो प्यार नहीं मिलता,
तेरी तस्वीर में हमें अब वो
खोया संसार नहीं मिलता

मेरा प्यार अभी बाक़ी है

मेरा प्यार अभी बाक़ी है


मेरी ज़िन्दगी में उसका इंतज़ार अभी बाक़ी है ||
उसने मुँह मोड़ा मेरा प्यार अभी बाक़ी है ||
मेरी उलझन की वजह मेरी वफ़ा है ||
शिद्दत से की मोहब्बत ये उसकी सजा है ||
पहली मोहब्बत में ये पहली खता की है ||
उस ज़ालिम से उम्मीद ए वफ़ा की है ||
वह खुश रहे ये इल्तेजा की है ||
उसके खुश रहने की रब से दुआ की है ||
शाम हो गयी दिन ढलते ढलते ||
थक गया हूँ अब अंधेरों में चलते चलते ||
लेकिन फिर भी मेरा प्यार अभी बाक़ी है ||

मिज़ाज का परिन्दा

खुदा ने लिखा ही नहीं तुझको
मेरी किस्मत में शायद
वरना खोया तो बहुत कुछ था
एक तुझे पाने के लिए



*न जाने किस मिज़ाज का परिन्दा है यह दिल…*
*सीने मैं तो रहता है मगर वश में नहीं…!!*❤?