Sad Shayari मैंने जीना सीख लिया था

SAD SHAYARI मैंने जीना सीख लिया था


मैंने जीना सीख लिया था, ग़म को पीना सीख लिया था
आंसू को मुस्कान बना के, मैंने लबों को सीना सीख लिया था
******
वो लम्हों की सौगातें, मुझको न सोने देती थी रातो को
कैसे भूलूं मै उस पल को, जब मैंने छुआ था तेरे हाथों को
******
तेरे आग़ोश में आते ही जैसे, मेरा सार संसार बदल गया था
वक्त ने रुख कुछ यूँ बदला, मै उन बातो से निकल गया था ,
आंसू को मुस्कान बना के,  मैंने लबों को सीना सीख लिया था

Sad Shayari मैंने जीना सीख लिया था
*******
तेरी हर एक मुस्कान में, जैसे मोती बरसते लगते थे
तेरे रूप का दर्शन पाने, दुनिया जहां के लोग तरसते थे
******
एक अजब सा अपनापन था तुझमे,  मै रंग में तेरे ढल गया था
किरनो से फिर रंग जो निखारा, लगा तू जैसे बदल गया था
आंसू को मुस्कान बना के, मैंने लबों को सीना सीख लिया था
******

Sad Shayari तेरी चाहत के आंसू ने

तेरी चाहत के आंसू ने……


तेरी चाहत के आंसू ने मेरे तकिये को भिगोया है
तेरी आशिकी में पागल दिल न जाने कितना रोया है
******
हमें अब भी वो गुजरे पल रातों को सोने नहीं देते
ये वादे प्यार के अब भी मुझे पलके भिगोने नहीं देते
ये गम तेरी जुदाई का हमसे तो सहा नहीं जाता
बिना तुझको किया याद पल भर रहा नहीं जाता
तेरी उल्फत में हर लम्हा, हर एक मंज़र संजोया है
तेरे चाहत में….
******
मुझे शिकायत नहीं तुझसे के हमे तुम याद नहीं करते
छिड़कते थे हर बात पर जान वो मेरी बात नहीं करते
ज़माना है बदलता है, तुम भी बदल गए हो
बहारों की फ़िज़ाओं में, तुम भी मचल गए हो
तेरे एहसास के सौगात में, हमने ये जीवन पिरोया है
तेरे चाहत में…….
******
किस्मत में तुम नहीं थे, तो खुदा ने क्यों हमें मिलाया था
देखे थे ख्वाब कुछ तुमने, मैंने भी एक सपना सजाया था
ना सपना रहा और ना स्वरुप कोई यहाँ
बस दर्द ही है बाकी अब तो दिल में रहा
जिस तिनके का सहारा था, उसी ने हमें डुबोया है
तेरी चाहत के आंसू………
तेरी चाहत के आंसू ने मेरे तकिये को भिगोया है
******