Sad Shayari मैंने जीना सीख लिया था

SAD SHAYARI मैंने जीना सीख लिया था


मैंने जीना सीख लिया था, ग़म को पीना सीख लिया था
आंसू को मुस्कान बना के, मैंने लबों को सीना सीख लिया था
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वो लम्हों की सौगातें, मुझको न सोने देती थी रातो को
कैसे भूलूं मै उस पल को, जब मैंने छुआ था तेरे हाथों को
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तेरे आग़ोश में आते ही जैसे, मेरा सार संसार बदल गया था
वक्त ने रुख कुछ यूँ बदला, मै उन बातो से निकल गया था ,
आंसू को मुस्कान बना के,  मैंने लबों को सीना सीख लिया था

Sad Shayari मैंने जीना सीख लिया था
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तेरी हर एक मुस्कान में, जैसे मोती बरसते लगते थे
तेरे रूप का दर्शन पाने, दुनिया जहां के लोग तरसते थे
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एक अजब सा अपनापन था तुझमे,  मै रंग में तेरे ढल गया था
किरनो से फिर रंग जो निखारा, लगा तू जैसे बदल गया था
आंसू को मुस्कान बना के, मैंने लबों को सीना सीख लिया था
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नज़र आ जाओ कही तुम

नज़र आ जाओ कही तुम


मेरी आँखों में जैसे बस रहे, एक सपने से हो तुम!
देख के तुम को लगता है, कितने अपने से हो तुम !!
हमे होश नहीं रहता, जो नज़र आ जाओ कही तुम !
दुनिया से चुरा ले हम तुमको, हो जाये कही गुम !!

हर अदा तुम्हारी हम पर जादू सा कर रही है
पलकों की छांव में कोई जैसे शाम ढल रही है
मुस्कान पर तुम्हारी जैसे लहरें फिसल रही है
देख तुम्हारे गालो की लाली, हसरत मचल रही है

काले बालो में घेरे हुवे हो न जाने कितनी रात तुम !
देख के तुम को लगता है, कितने अपने से हो तुम!!
हमे होश नहीं रहता, जो नज़र आ जाओ कही तुम,!
दुनिया से चुरा ले हम तुमको, हो जाये कही गुम !!

तेरी हंसी के वास्ते मै  हर चीज़ वार दूं
सारे जहाँ की खुशियों से जीवन सवार दूं
जो कभी न भूल पाए तुम्हे उतना प्यार दूं
तुझसे मोहब्बत कर तेरा यौवन निखर दूं

मेरा जीवन तुमसे रौशन मेरी हर एक बात में तुम !
देख के तुम को लगता है, कितने अपने से हो तुम!!
हमे होश नहीं रहता, जो नज़र आ जाओ कही तुम!
दुनिया से चुरा ले हम तुमको, हो जाये कही गुम!!